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राफेल पर सुनवाई शुरू, जानें सुप्रीम कोर्ट में क्या चल रहा

राफेल पर सुनवाई शुरू, जानें सुप्रीम कोर्ट में क्या चल रहा
राफेल विवादः वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने पुनर्विचार याचिका पर बहस शुरू किया। वहीं, CJI ने कहा हम दोनों पक्ष को एक एक घंटे का समय दे रहे हैं। आज 4 बजे तक हम सुनवाई पूरी करना चाहते हैं।





सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले में मध्यस्थता पैनल की और समय देने की मांग स्वीकार करते हुए उसके कार्यकाल को 15 अगस्त तक के लिए बढ़ा दिया है। इसके अलावा, एक अन्य मामले में कोर्ट ने बिहार के कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स को बड़ा झटका देते हुए पटना हाई कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया है। हाई कोर्ट ने सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे 3.5 लाख कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स को भी नियमित टीचर्स की तरह सैलरी का आदेश दिया था। आज ही राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना मामले पर सुनवाई होनी है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में राफेल डील से जुड़ी पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है। पल-पल के अपडेट के लिए बने रहिए हमारे साथ....


हाइलाइट्स
सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स और ऐमजॉन प्राइम विडियो जैसे ऑनलाइन मीडिया स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के कामकाज को रेग्युलेट करने के लिए सरकार द्वारा गाइडलाइंस जारी करने की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया।
कॉन्ट्रैक्ट टीचर मामला: बिहार के करीब 3.5 लाख कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका। शीर्ष अदालत ने पटना हाई कोर्ट के उस फैसले को पलटा जिसमें बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स को नियमित स्थायी टीचरों के समान वेतन देने का आदेश दिया था।
अयोध्या मामला: मध्यस्थता पैनल द्वारा सीलबंद लिफाफे में पेश रिपोर्ट को देखने के बाद कोर्ट ने अतिरिक्त समय देने की पैनल की मांग मानी। 15 अगस्त तक का समय दिया।
उन्होंने कहा कि केंद्र ने कोर्ट के समक्ष उस समय CAG की उस रिपोर्ट का हवाला दिया जो उस समय अस्तित्व में ही नहीं थी। उस जानकारी के आधार पर कोर्ट ने फैसला दिया।


राफेल विवाद से जुड़ी पुनर्विचार याचिका पर बहस के दौरान प्रशांत भूषण ने कहा- 'हम चाहते हैं कि सीबीआई राफेल डील को लेकर जांच करे। हम राफेल डील को रद्द नहीं करना चाहते। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जांच की मांग पर सुनवाई नहीं की बल्कि इस आधार पर सुनवाई की कि हम कॉन्ट्रैक्ट रद्द कराना चाहते हैं।'


राफेल विवादः वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने पुनर्विचार याचिका पर बहस शुरू किया। वहीं, CJI ने कहा हम दोनों पक्ष को एक एक घंटे का समय दे रहे हैं। आज 4 बजे तक हम सुनवाई पूरी करना चाहते हैं। (रिपोर्ट- राजेश चौधरी)

नीतीश कटारा हत्याकांड में दोषी विकास यादव की ओर से चार सप्ताह की पैरोल की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिल्ली सरकार को भी नोटिस जारी किया गया है।


सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड में दोषी विकास यादव की चार हफ्ते की पैरोल की मांग वाली याचिका को लेकर सीबीआई को नोटिस जारी किया। बता दें कि वह इस समय 25 साल की जेल की सजा काट रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करते हुए सरकारी स्कूलों में CCTV कैमरे लगाने के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर 6 हफ्ते में जवाब मांगा है। बता दें कि याचिका में कहा गया है कि सभी कक्षाओं में 1.5 लाख कैमरे लगाना और उसके फुटेज की लाइव स्ट्रीमिंग से बच्चों पर मनोवैज्ञानिक दबाव पड़ेगा।

'31 लाख एनजीओ जनता का पैसा ले रहे हैं' से जुड़े मामले को लेकर 21 अगस्त 2017 को दाखिल की गई एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अब 21 अगस्त को सुनवाई करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने नेटफ्लिक्स और ऐमजॉन प्राइम विडियो जैसे ऑनलाइन मीडिया स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के कामकाज को रेग्युलेट करने के लिए सरकार द्वारा गाइडलाइंस जारी करने की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया।

बिहार: 3.5 लाख नियोजित शिक्षकों को SC से झटका, पढ़ें पूरी खबर

वहीं केंद्र सरकार नियोजित शिक्षकों को समान वेतन देने के लिए राशि बढ़ाने पर सहमत नहीं दिखी थी। सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि शिक्षकों की नियुक्ति और वेतन देना राज्य सरकार का काम है। इसमें केंद्र की कोई भूमिका नहीं है। केंद्र ने तर्क दिया था कि नियमित शिक्षकों की बहाली बीपीएससी के माध्यम से हुई है। वहीं नियोजित शिक्षकों की बहाली पंचायती राज संस्था से ठेके पर हुई है, इसलिए इन्हें समान वेतन नहीं दिया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रखने से पहले याचिका पर सुनवाई की थी। शिक्षक संघ की तरफ से अधिवक्ता ने कहा था कि पटना हाई कोर्ट ने समान काम-समान वेतन के पक्ष में सही फैसला दिया है। सरकार फैसले को लागू नहीं कर बेवजह नियोजित शिक्षकों को परेशान कर रही है। शिक्षक संघ की ओर से कोर्ट में तर्क दिया जा रहा है कि समान काम के लिए समान वेतन, नियोजित शिक्षकों का मौलिक अधिकार है।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को लेकर 11 याचिकाओं पर सुनवाई की गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने 3 अक्टूबर 2018 को फैसला सुरक्षित रख लिया था। तब से ही सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का लाखों नियोजक शिक्षकों को बेसब्री से इंतजार था। बिहार के 3 लाख 56 हजार टीचर्स की उम्मीदें सुप्रीम कोर्ट से लगी हुई हैं। बता दें कि बिहार में समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर नियोजित शिक्षक काफी समय से आंदोलन कर रहे हैं। पहले इस मामले में पटना हाई कोर्ट ने शिक्षकों के हक में फैसला सुनाया था और बिहार सरकार को समान वेतन देने का निर्देश दिया था। हालांकि बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी।

अयोध्या विवादः जानें सुप्रीम कोर्ट में आज क्या हुआ


बिहार नियोजित शिक्षक मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी स्कूलों के कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स की नौकरियों को नियमित करने से किया इनकार, पटना हाई कोर्ट के उस आदेश को पलटा जिसमें उनकी नौकरियों को नियमित करने का आदेश दिया गया था।

कॉन्ट्रैक्ट टीचर मामला: बिहार के करीब 3.5 लाख कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका। शीर्ष अदालत ने पटना हाई कोर्ट के उस फैसले को पलटा जिसमें बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स को नियमित स्थायी टीचरों के समान वेतन देने का आदेश दिया था।

अयोध्या मामला: मध्यस्थता पैनल द्वारा सीलबंद लिफाफे में पेश रिपोर्ट को देखने के बाद कोर्ट ने अतिरिक्त समय देने की पैनल की मांग मानी। 15 अगस्त तक का समय दिया।
अयोध्या मामला: सुनवाई के दौरान कुछ हिन्दू पक्षकारों ने मध्यस्थता की प्रक्रिया पर आपत्ति जाहिर की। उन्होंने कहा जी पक्षकारों के बीच कोई को-ऑर्डिनेशन नहीं है। मुस्लिम पक्षकारों की ओर से राजीव धवन ने कहा कि हम मध्यस्थता प्रक्रिया का पूरी तरह से समर्थन करते हैं।




अयोध्या मामला: CJI ने कहा, 'हमे मध्यस्थता कमिटी की रिपोर्ट मिली है और हमने इसे पढ़ा है। अभी समझौते की प्रक्रिया जारी है। हम रिटायर्ड जस्टिस कलीफुल्ला की रिपोर्ट पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट में सकारात्मक विकास की प्रक्रिया के बारे में बताया गया है।'

अयोध्या जमीन विवाद मामला: सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस कलीफुल्ला कमिटी की रिपोर्ट पेश। कमिटी की रिपोर्ट देखकर CJI की अगुआई वाली संविधान पीठ ने कहा कि कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में मध्यस्थता को लेकर सकारात्मक प्रगति की बात कही है। सुप्रीम कोर्ट ने 15 अगस्त तक कमिटी का कार्यकाल बढ़ाया।

अयोध्या विवाद: मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू। पैनल ने सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट शीर्ष अदालत को सौंपी।
अयोध्या मामले की सुनवाई शुरू होने से पहले ही कोर्ट रूम में वकीलों, पक्षकारों और पत्रकारों की भारी भीड़ मौजूद है।


अयोध्या भूमि विवाद मामले में आज सुप्रीम सुनवाई पर नजरें टिकी हुई हैं। शीर्ष अदालत में रामजन्मभूमि-बाबरी भूमि विवाद मामले के समाधान के लिए गठित मध्यस्थता पैनल की रिपोर्ट पर सुनवाई होनी है। कोर्ट में आज की सुनवाई बेहद अहम होगी अगर कोर्ट मध्यस्थता रिपोर्ट स्वीकार कर लेता है तो इस मामले में मध्यस्थता की राह खुली रहेगी। अगर कोर्ट इसे स्वीकार नहीं करता है तो फिर शीर्ष अदालत खुद मामले की सुनवाई करेगा।

सखा रामलला ने मुलायम सिंह यादव और नरसिम्हा राव को बताया अयोध्या आंदोलन का असली हीरो, जानें पूरा मामला


इससे पहले अयोध्या विवाद को लेकर बनाई गई तीन सदस्यीय पैनल ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट एक सीलबंद लिफाफे में सौंप दी है। इसी रिपोर्ट पर थोड़ी देर में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है।




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Milan Tomic

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