जीवन मंत्र डेस्क. हिन्दू धर्मग्रंथों व पुराणों में लक्ष्मी जी को धन और समृद्धि की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। वहीं कुबेरजी को भी धन का स्वामी माना जाता है। चेन्नई के वडलूर में एक ऐसा मंदिर है, जहां इन दोनों की प्रतिमा एक साथ विराजित है। कहा जाता है कि दुनिया में यही एकमात्र मंदिर है, जहां इस रूप में कुबेर लक्ष्मी संग विराजे हैं। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के श्रीलक्ष्मी कुबेर मंदिर में दीपोत्सव के लिए दुनियाभर से लाखों भक्त इकट्ठा होते हैं।
- इस मंदिर की विशेषता यहां विराजमान लक्ष्मी और कुबेर की काले पत्थर से निर्मित प्रतिमाएं हैं। यहां कुबेर अपनी पत्नी सिद्धरानी के साथ विराजित हैं। उनके पीछे मां लक्ष्मी स्थापित हैं जो उन्हें आशीर्वाद देते हुए दिखाई देती हैं। इस मूर्ति के पास मछली की दो प्रतिमा रखी गई हैं और ऐसी ही मछली यहां के मंदिर प्रांगण में रखी गई है जिस के साथ एक कछुआ भी रखा गया है। ऐसी मान्यता है कि कुबेरजी को हरा रंग पसंद है। इस वजह से मंदिर में और इसके आस-पास हरे रंग का प्रयोग किया गया है। यहां भगवान गणेश की प्रतिमा भी स्थापित है।
- यहां सिर्फ धनतेरस पर दर्शन देते हैं धन के देवता
कुबेर न सिर्फ धन के देवता हैं, बल्कि वे यक्षों के राजा और उत्तर दिशा के द्वारपाल और लोकपाल भी माने जाते हैं। पुष्कर स्थित ब्रह्मा मंदिर में कुबेर का द्वारपाल स्वरूप देखने को मिलता है। इस मंदिर की खासियत यह है कि यहां इनके दर्शन सिर्फ धनतेरस के दिन ही किए जा सकते हैं। यहां कुबेर गजराज पर विराजमान हैं।
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source https://www.bhaskar.com/religion/dharam/lakshmi-kuber-temple-in-chennai-lakshmi-and-kuber-are-together-worshiped-here-01673827.html
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