जीवन मंत्र डेस्क. यूं तो क्रिसमस क्रिश्चियन धर्म को मानने वाले लोगों का त्योहार है, लेकिन दूसरे धर्म के लोग भी इस त्योहार को उतने ही जोश के साथ मनाते हैं। हर देश में क्रिसमस का त्योहार अलग-अलग तरह से मनाया जाता है। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि क्रिसमस का त्योहार ईसाई धर्म के कैथोलिक शाखा के लोग पूरे 12 दिनों तक मनाते हैं।
क्रिसमस के 12 दिनों का जश्न हर दिन के अनुसार अलग-अलग नामों से मनाया जाता है
- पहला दिन (25 दिसंबर)
क्रिसमस के पहले दिन से ही इस त्योहार का जश्न शुरू हो जाता है। क्रिश्चियन समुदाय के लोग इस दिन को ईसा मसीह के जन्मदिवस के रूप में मनाते हैं।
- दूसरा दिन (26 दिसंबर)
क्रिसमस के अगले दिन यानी 26 दिसंबर को बॉक्सिंग डे के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को सेंट स्टीफन डे के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि सेंट स्टीफन पहले ऐसे शख्स थे, जिन्होंने ईसाई धर्म के लिए अपनी जीवन की कुर्बानी दी थी।
- तीसरा दिन (27 दिसंबर)
क्रिसमस का फेस्टीवल का ये दिन सेंट जॉन को समर्पित होता है। ये ईसा मसीह से प्रेरित और उनके मित्र माने जाते हैं।
- चौथा दिन (28 दिसंबर)
इस दिन को लेकर क्रिश्चियन लोगों की मान्यता है कि किंग हीरोद ने ईसा मसीह को ढूंढते समय कई मासूम लोगों को कत्ल कर दिया था। इस दिन उन्हीं मासूम लोगों को याद कर उनके लिए प्रार्थना की जाती है।
- पांचवां दिन (29 दिसंबर)
ये दिन सेंट थॉमस को समर्पित है। 12वीं सदी में चर्च पर राजा के अधिकार को चुनौती देने पर उनका 29 दिसंबर को कत्ल कर दिया गया था। इस दिन क्रिश्चियन समुदाय के लोग उन्हें याद करते हैं।
- छठा दिन (30 दिसंबर)
इस दिन क्रिश्चियन समुदाय के लोग सेंट ईगविन ऑफ वर्सेस्टर को याद करते हैं।
- सातवां दिन (31 दिसंबर)
पोप सिलवेस्टर ने इस दिन को मनाया था। कई यूरोपियन देशों में न्यू ईयर इव को सिलवेस्टर कहा जाता है। यूके में इस दिन पारंपरिक रूप से गैम्स और खेल-कूद आयोजित किए जाते हैं। इस दिन नए साल से पहले की शाम के रूप में भी मनाया जाता है।
- आठवां दिन (1 जनवरी)
क्रिसमस का आठवां दिन ईसा मसीह की मां मदर मैरी को समर्पित होता है।
- नवां दिन (2 जनवरी)
इस दिन चौथी सदी के सबसे पहले ईसाई ‘सेंट बसिल द ग्रेट’ और ‘सेंट ग्रेगरी नाजियाजेन’ को याद किया जाता है।
- दसवां दिन (3 जनवरी)
क्रिश्चियन धर्म के लोगों की मान्यता है कि इस दिन ईसा मसीह का नाम रखा गया था। इस दिन चर्च में रौनक देखने को बनती है।
- ग्यारहवां दिन (4 जनवरी)
18वीं और 19वीं सदी की सेंट एलिजाबेथ अमेरिका की पहली संत थीं। इस दिन उन्हें याद किया जाता है।
- बारहवां दिन (5 जनवरी)
5 जनवरी क्रिसमस पर्व का आखिरी दिन होता है। इस दिन को एपीफेनी भी कहा जाता है। यह दिन अमेरिका के पहले बिशप सेंट जॉन न्यू मन को समर्पित है।
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source https://www.bhaskar.com/religion/jeevan-mantra/news/christmas-festival-is-celebrated-till-12-days-5-january-is-the-last-day-of-christmas-festival-126370068.html
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