जीवन मंत्र डेस्क। अभी पौष माह चल रहा है। इस माह सूर्य पूजा करने की परंपरा है। इसीलिए पौष मास में सूर्य मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालु पहुंचते हैं। देश-दुनिया में कई ऐसे सूर्य मंदिर हैं, जिनका इतिहास हजारों साल पुराना है, ऐसा ही एक मंदिर पाकिस्तान के मुल्तान क्षेत्र में स्थित है। यहां आदित्य सूर्य मंदिर है। 10वीं शताब्दी में मंदिर में स्थित सूर्य मूर्ति मुल्तान के शासकों द्वारा नष्ट कर दी गई थी। मंदिर के संबंध में मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण द्वापर युग में यानी करीब 5000 साल पहले श्रीकृष्ण के पुत्र सांब ने करवाया था।
- श्रीकृष्ण और जामवंती का पुत्र थे सांब
प्रचलित कथा के अनुसार एक मणी की वजह से श्रीकृष्ण और जामवंत के बीच युद्ध हुआ था। इस युद्ध में जामवंत पराजित हुए। इसके बाद जामवंत ने अपनी पुत्री जामवंती का विवाह श्रीकृष्ण के करवा दिया। सांब श्रीकृष्ण और जामवंती के ही पुत्र थे। सांब के अधार्मिक कर्मों से क्रोधित होकर श्रीकृष्ण ने सांब को गंभीर रोगी होने का शाप दे दिया। धीरे-धीरे सांब कमजोर होने लगा तब वे महर्षि कटक के पास गए। महर्षि ने उन्हें सूर्यदेव की आराधना करने के लिए कहा। ऋषि की बात मानकर सांब ने चंद्रभागा नदी के किनारे 12 वर्षों तक सूर्यदेव को प्रसन्न करने के लिए तपस्या की। इस तप के प्रभाव से वे स्वस्थ हो गए। इसके बाद में सांब ने मुल्तान में सूर्यदेव का मंदिर बनवाया।
- मंदिर से जुड़ी खास बातें
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/religion/jeevan-mantra/news/sun-temple-in-multan-pakistan-the-ancient-temple-of-suryadev-is-in-multan-lord-krishnas-son-samb-126337365.html
0 comments:
Post a Comment