जीवन मंत्र डेस्क.होलिका दहन 9 मार्च को होगा और देशभर में 10 मार्च को रंग वाली होली खेली जाएगी। होली पर्व पूरी ब्रज भूमि में उल्लास के साथ और अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। लेकिन उसमें वृंदावन की होली भी बहुत ही महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि ये वो जगह है जहां भगवान कृष्ण का बचपन बीता है। वैसे तो यहां हर जगह होली का विशेष रंग होता है लेकिन प्रेम मंदिर की होली खास रहती है।
54 एकड़ में बना है वृंदावन का 125 फीट ऊंचा प्रेम मंदिर
प्रेम मंदिर की मुख्य रचना संगमरमर के पत्थर से बनी हुई है। कृपालु जी महाराज ने इस मंदिर को बनाने की घोषणा साल 2001 में ही कर दी थी। इसे 11 सालों बाद लगभग 1000 मजदूरों ने सन 2012 में पूरा कर दिया था। 54 एकड़ क्षेत्रफल में बना यह प्रेम मंदिर 125 फीट ऊंचा, 122 फीट लंबा और 115 फीट चौड़ा है। ये तीर्थ अपने आप में ही बेजोड़ कला का नमूना है।
फूलों और रंगों से होता है राधा-कृष्ण का विशेष श्रृंगार
- मंदिर पर होली के अवसर पर विशेष आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर यहां राधा-कृष्ण का फूलों और रंगों से विशेष श्रृंगार होता है। इसके बाद फूलों और प्राकृतिक रंगों की बौछार की जाती है। इस होली के आयोजन में शामिल होने के लिए देश विदेश के लोग यहां आते हैं।
- मंदिर में श्री गोवर्धन लीला, कालिया नाग दमन लीला, झूलन लीला सहित राधा-कृष्ण की मनोहर झांकियां उद्यानों के बीच सजाई गई हैं। मंदिर में कुल 94 स्तम्भ हैं जो राधा-कृष्ण की विभिन्न लीलाओं से सजाएं गए हैं। अधिकांश स्तम्भों पर गोपियों की मूर्तियां अंकित हैं।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
source https://www.bhaskar.com/religion/dharam/news/holi-festival-of-prem-mandir-vrindavan-is-special-its-filled-with-flowers-and-natural-colors-126896817.html
0 comments:
Post a Comment