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मंगलवार से अंग्रेजी कैलेंडर का दिसंबर और हिन्दी पंचांग का अगहन माह शुरू, इस महीने में सूर्य ग्रहण भी

मंगलवार से अंग्रेजी कैलेंडर का अंतिम महीना दिसंबर शुरू हो गया है। इसी दिन से हिन्दी पंचांग का अगहन मास शुरू हुआ है। अगहन मास में नदियों में स्नान करने की और शंख पूजा करने की परंपरा है। दिसंबर में साल का अंतिम सूर्य ग्रहण भी होगा, लेकिन ये भारत में दिखाई नहीं देगा। इसीलिए इस ग्रहण का सूतक भारत में नहीं रहेगा। जानिए इस माह में कब कौन से खास पर्व आ रहे हैं...

गुरुवार, 3 दिसंबर को गणेश चतुर्थी व्रत है। इस तिथि पर गणेशजी के दूर्वा चढ़ाएं और व्रत करें। शाम को चंद्र दर्शन और पूजा के बाद ये व्रत पूरा होता है।

सोमवार, 7 दिसंबर को कालभैरव अष्टमी है। इस तिथि पर कालभैरव की विशेष पूजा करें और दीपक जलाएं। उज्जैन स्थित कालभैरव को खासतौर पर शराब का भोग लगाया जाता है।

शुक्रवार, 11 दिसंबर को उत्पन्ना एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु के व्रत किया जाता है। एकादशी व्रत से जाने-अनजाने में किए गए पाप कर्मों का असर खत्म होता है।

सोमवार, 14 दिसंबर को साल का अंतिम सूर्य ग्रहण होगा। ये ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इस कारण यहां इसका सूतक नहीं रहेगा। सोमवार को अमावस्या तिथि रहेगी। इस तिथि पर पितरों के लिए पूजन कर्म करने की परंपरा है।

मंगलवार, 15 दिसंबर को सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेगा। इसे धनु संक्रांति कहा जाता है। इस दिन नदी में स्नान करने और दान-पुण्य करने की परंपरा है।

बुधवार, 16 दिसंबर से खरमास शुरू हो जाएगा। सूर्य के धनु राशि में आने से खरमास शुरू होता है। इस माह में विवाह आदि मांगलिक कर्म नहीं किए जाते हैं।

शुक्रवार, 18 दिसंबर को विनायकी चतुर्थी है। इस तिथि पर भी गणेशजी के लिए व्रत-उपवास और पूजा-पाठ की जाती है।

शनिवार, 19 दिसंबर को विवाह पंचमी है। त्रेतायुग में इसी तिथि पर श्रीराम और सीता का विवाह हुआ था। इस दिन श्रीराम और सीता की विशेष पूजा करें। रामायण का पाठ करें।

शुक्रवार, 25 दिसंबर को मोक्षदा एकादशी है। इसे गीता जंयती के रूप में भी मनाया जाता है। इसी दिन क्रिसमस भी मनाया जाएगा। एकादशी पर भगवान विष्णु के लिए व्रत-उपवास करें। क्रिसमस प्रभु यीशु के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है।

मंगलवार, 29 दिसंबर को दत्त पूर्णिमा है। इस तिथि भगवान दत्तात्रेय का अवतार हुआ था। 29 और 30 तारीख को अगहन मास की पूर्णिमा रहेगी। इस तिथि पर नदी में स्नान और दान-पुण्य करने की परंपरा है। इसके बाद 31 दिसंबर से पौष मास शुरू हो जाएगा।



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source https://www.bhaskar.com/jeevan-mantra/dharm/news/december-2020-festivals-significance-of-aghan-month-agahan-maas-and-festivals-hindi-panchang-surya-grahan-on-14-december-127964131.html
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Milan Tomic

Hi. I’m Designer of Blog Magic. I’m CEO/Founder of ThemeXpose. I’m Creative Art Director, Web Designer, UI/UX Designer, Interaction Designer, Industrial Designer, Web Developer, Business Enthusiast, StartUp Enthusiast, Speaker, Writer and Photographer. Inspired to make things looks better.

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