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होलाष्टक का वैज्ञानिक कारण, इन दिनों मौसम के साथ शरीर में भी होने लगते हैं बदलाव

जीवन मंत्र डेस्क. धर्मग्रंथों और लोक मान्यताओं के अनुसार होली से पहले 8 दिनों को होलाष्टक कहा जाता है। माना जाता है कि इन दिनों में किसी भी तरह का शुभ काम नहीं करना चाहिए। उज्जैन के धर्म विज्ञान संस्थान के अध्यक्ष डॉ. जगदीश चंद्र जोशी और पं. वैभव जोशी के अनुसार होलाष्टक की परंपरा के पीछे सिर्फ धार्मिक कारण ही नहीं है बल्कि इसका वैज्ञानिक महत्व भी है। इनके अनुसार होलाष्टक का विज्ञान प्रकृति और मौसम के बदलाव से जुड़ा हुआ है। इन दिनों में मानसिक और शारीरिक संतुलन न होने के कारण ही शुभ और मांगलिक काम करने की मनाही है।

बैक्‍टीरिया वायरस हो जाते हैं सक्रिय

  • डॉ. जोशी ने बताया कि होलाष्टक के शाब्दिक अर्थ को समझा जाए तो होला अष्टक का मतलब होली के पहले आठ दिन। इन दिनों वातावरण में बैक्‍टीरिया वायरस अधिक सक्रिय होते हैं। सर्दी से गर्मी की ओर जाते इस मौसम में शरीर पर सूर्य की पराबैगनी किरणें विप‍रीत प्रभाव डालती हैं। ये दिन संकेत देते हैं कि साइट्रिक एसिड युक्त फलाें का सेवन ज्यादा करना चाहिए। इसके साथ ही गर्म पदार्थों का सेवन कम कर देना चाहिए।
  • होलिका दहन पर जो अग्नि निकलती है वो शरीर के साथ साथ आसपास के बैक्‍टीरिया और नकारात्‍मक ऊर्जा काेे समाप्‍त कर देती है। क्योंकि गाय के गोबर से बने कंडे, पीपल, पलाश, नीम और अन्य पेड़ों की लकड़ियों से होलिका दहन होने पर निकलने वाला धुंआ सेहत के लिए अच्छा होता है।

मौसम के साथ शरीर में भी होते हैं बदलाव

डॉ.जोशी के अनुसार मौसम में बदलाव के साथ शरीर मेंं हार्मोंस और एंजाइम्‍स में भी परिवर्तन होते हैं। मूड स्विंग होने लगता है। सेक्‍सुअल हार्मोंस के कारण शरीरिक और वैचारिक बदलाव भी होने लगते हैं। मौसम के बदलने से हार्ट और लीवर पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। होली से पहले के आठ दिन ये संकेत देते हैं कि रूटीन लाइफ में बदलाव कर लेना चाहिए।

होलाष्टक में ये कार्य रहते हैं निषेध

होलाष्टक के दौरान सभी मांगलिक कार्य, खरीदारी और 16 संस्कार नहीं किए जाते हैं। इसके साथ ही अगर अंतिम संस्कार इन दिनों में करना पड़े तो उसके पहले शांति कर्म भी किए जाते हैं। होलाष्टक के दौरान 16 संस्कारों पर रोक होने के कारण ही इस अवधि को शुभ नहीं माना जाता है।



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Holi 2020 Holashtak: Scientific Aspect of Holashtak, Holashtak Do's and Don'ts Rule, Holashtak Kab Se Kab Tak Hai


source https://www.bhaskar.com/religion/dharam/news/holi-2020-holashtak-scientific-aspect-dos-and-donts-kab-se-kab-tak-hai-126905237.html
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Milan Tomic

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