अभी वैशाख मास चल रहा है। गुरुवार, 7 मई को वैशाखी पूर्णिमा पर ये माह खत्म होगा। इस दिन बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाएगी। स्कंद पुराण में वैशाख मास को सभी मासों में उत्तम बताया गया है। पुराणों में कहा गया है कि जो व्यक्ति वैशाख मास में सूर्योदय से पहले स्नान करता है और व्रत रखता है, उसे भगवान विष्णु की कृपा मिलती है। वैशाख मास के देवता भगवान मधुसूदन हैं। मान्यता है कि पुराने समय में महीरथ नामक राजा ने केवल वैशाख स्नान से ही वैकुण्ठधाम प्राप्त किया था। इस माह में घर में स्नान करते समय पवित्र नदियों के नाम जपना चाहिए। स्नान के बाद सूर्योदय के समय सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें।
अर्घ्य देते समय इस मंत्र का जाप करें
वैशाखे मेषगे भानौ प्रात: स्नानपरायण:।
अध्यं तेहं प्रदास्यामि गृहाण मधुसूदन।।
ये पुण्य कर्म भी करें
वैशाख व्रत की कथा सुनना चाहिए। ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नम: मंत्र का जप करना चाहिए। व्रत करने वाले व्यक्ति को एक समय भोजन करना चाहिए। वैशाख मास में जल दान का विशेष महत्व है। यदि संभव हो तो इस माह में प्याऊ की स्थापना करवाएं या किसी प्याऊ में मटके का दान करें। किसी जरूरतमंद व्यक्ति को पंखा, फल, अन्न आदि का दान करना चाहिए।
ऐसे करें विष्णुजी की पूजा
हर रोज सुबह स्नान घर के मंदिर में भगवान विष्णु की पूजा करें। मिठाई का नैवेद्य, चावल, पीले फूल और धूप, दीप आदि पूजन सामग्रियां अर्पित करें। पूजा में मंत्र ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय नमः का जाप करें। मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करें।
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source https://www.bhaskar.com/jeevan-mantra/dharm/news/vaishakh-month-till-7-may-significance-of-vaishakh-month-buddha-purnima-on-7-may-buddha-purnima-kab-hai-127247369.html
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